• एडू मनोरंजन के मध्यम से ‘स्टेलर चिल्ड्रेन म्यूज़ीयम’ उपज है अंजाना मेनोन की

    जब अक्षय सेठी और अंजना मेनोन कुछ सालो बाद इंडिया वापस आए विदेश मे काम करके तब वो हैरान हो गये क्युकि इंडिया मे छोटे बचो के खेलने के लिए कोई अछा वातावरण या जगह नही थी, चिड़ियाघर या पार्क्स के इलावा जहा भी सिर्फ़ गिनी चुनी सुविधाए उपलब्ध थी. हालाकी बाकी के सभी खेल गंतव्यों बड़े ही मजेदार और रोमांचक थे पर वे आसान, बुनियादी और पढ़ाई का केंद्र नही थे.

     अंजना मेनोन, जो एक जुड़वा लड़को की मा भी है, ने एक अंतर देखा खेलने के साथ साथ पढ़ने के व्यवहार मे इंडिया मे. उनके प्रयास और लगन दिखते है देश के पहले एडू मनोरंजन म्यूज़ीयम ‘स्टेलर चिल्ड्रेन म्यूज़ीयम’ के नाम से, जो केंद्रित करता है इंटरॅक्टिव एग्ज़िबिट्स,  अनुभव शिक्षा से आधारित एकीकृत मज़े से भारी हुई गतिविधिया. १०००० स्क्वेर फीट से भरी हुई इंटरॅक्टिव एग्ज़िबिट और खेल जगह के साथ, यह म्यूज़ीयम एक सुरक्षित, कल्पनाशील, बचो पर केंद्रित शिक्षा वातावरण प्रस्तुत करता है २ से ८ साल के बचो के लिए. केमिकल इंजिनियर की उपाधि और ४ साल के आइटी का अनुभव होने के बाद, अंजना ने इस क़िताबी कहानी के विचार को अपने पति के साथ व्यवसाय मे तब्दील किया.

    नॉइदा मे रहनेवाली अंजना रोज म्यूज़ीयम जाती है केवल बचो के साथ संलग्न करने के लिए अलग तरह की खेल मे रंगे हुए रहते है. रिया दास ने बातचीत की अंजना से इस व्यवसाय के बारे मे.

    Anjana Menon Stellar Museum SheThePeople

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    आपकी कहानी के बारे मे कुछ बताइए, यह एक किताबी विचार है, आपने इसे कैसे चुना?

    मे एक ८ साल के जुड़वा लड़को की मा हू और ‘स्टेलर चिल्ड्रेन म्यूज़ीयम’ की डाइरेक्टर भी हू, जो इंडिया का पहला खेल अंतरिक्ष है छोटे बचो के लिए.

    मे मेसूर और बॅंगलुर मे बड़ी हुई जहा से मैने केमिकल इंजिनियरिंग की उपाधि हासिल की. तथापि पढ़ाई के बाद मैने आइटी सेक्टर मे ४ साल काम किया. मे मेरे पति के साथ २००३ मे अमेरिका चली गई पर मुझे वहा काम करने का मौका नही मिला. हम २००८ मे इंडिया वापिस आ गये और मुझे काम करने के संधि चाहिए थी. छोटे बचे होने की वजह से मुझे एहसास हुआ की यहा छोटे बचो के म्यूज़ीयम की संकल्पना के लिए बहुत अवसर है.

    तो स्टेलर चिल्ड्रेन म्यूज़ीयम खेल के साथ पढ़ने मे बचो की सहयता कैसे करता है?

    ह्मे विश्वास है स्वाभाविक खेल के मूल्य और इसलिए अवसर प्रदान करते है अनुभव शिक्षा, बहू ग्रहनशील और वस्तु आधारित अन्वेषण पर. हमारे पढ़ाई और खेल के एग्ज़िबिट प्रोग्राम से हम हमारा ध्यान कुंजी विकास शेत्रो मे है जैसे की ग्रॉस और मोटर कौशल, ग्रहनशील जागरूकता, सामाजिक और भावुक शिक्षा, समस्या सुलझाना, और भाषा और साक्षरता. म्यूज़ीयम इस जोश के साथ चालू हुआ ताकि नये शिक्षा पर आधारित खेल के परिचय किए जाए २ से १० की उम्र के बचो के लिए. यह संकल्पना मेरे खुद के अनुभव से आई जो मैने महसूस किया जब हम अमेरिका मे रहते थे, जहा काफ़ी सारे म्यूज़ीयम है बड़े शहरो मे. उदाहरण – शिकागो और न्यू यॉर्क मे, जहा हम रहते थे, काफ़ी बड़े बचो के म्यूज़ीयम है.

    जब हम इंडिया वापिस आए तब मुझे यहा बचो के मनोरंजन के लिए सुविधाओ की कमी लगी, चिड़ियाघर और पार्क्स के अलावा जो मौसम के उपर आधारित होते है और कुछ ही घंटो के लिए खुले होते है बारीशो के समय और खेल क्षेत्र जो बड़े शॉपिंग माल्स मे होते है जहा सिर्फ़ वीडियो खेल होते है जिसको कोई शिक्षा का मूल्या नही होता.

    शुरुवाती तोर पर आपको किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?

    सच कहू तो कोई भी नही. कोई भी क़ठिनाई जिसका मैने सामना किया है इस म्यूज़ीयम को खड़ा करने मे, उसका मेरे लिंग से कोई लेना देना नही. यह कठिनाई अनुचित प्रक्रियाओं और अक्षमता की वजह से हुई है.

    मुझे लगता है की अगर आप लोगो को अपने लिंग से पहचानना का मौका देते हो तो वह आपके काम मे बाधा डाल सकता है. मुझे हमेशा लगता है की मे पहले एक पेशेवर व्यवसाइका हू और इसीलिए मेरे लिंग को मे काम मे बाधा डालने नही देती.

    आपकी प्रेरणा कौन है?

    मेरे बच्चे और मेरी चाह, कुछ ऐसा करने की जिससे मे अपने और दूसरे बच्चो को बढ़ावा दे सकु उनके पढाई और विकास मे. अपने पति के प्रोत्साहन और समर्थन से मे अपने मुश्किलो का सामना कर पाती हू, हिम्मत से आगे बढ़ती हू और कुछ कर दिखाने का हौसला रखती हू.

    क्या आप बता सकती है, वो कौनसी विशेष ताकत है जिसे कोई महिला अपने काम मे ला सकती है जो मर्द नही ला सकते?

    मेरे ख़याल से, कार्यस्थल पे बस एक छोटासा अंतर है लिंगों मे यह की महिलाए ज़्यादा एंपत्टेटिक होती है जो दूसरो की भावना को समाज सकती है और बेहतर दृष्टिकोण से ये बता सके की निर्णय कैसे लिए जाते है संगठन मे. ज़्यादातर महिलाए अपनी भाषा और सहयोग कार्य को सुधारने मे निवेश कर रही है.

    उदाहरण, आजकल म्यूज़ीयम मे महिलाए पाई जाती है प्रवेश डेस्क से लेकर गैलरी पर्यवेक्षकों तक और शिक्षकों से लेकर प्रबंधक तक. स्थितियों को समजना, पालक और बच्चो को शामिल करना और उनके दृष्टिकोण को समज के नये पहलुओ को मौजूदा अवधारणा मे निवेश करना और व्यवसाय को बढ़ाना.

     

     

     

     

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